धोखा इंसान को सिर्फ दर्द ही नहीं देता, बल्कि उसकी सोच, भरोसे और रिश्तों को भी बदल देता है। जब किसी को धोका मिलता है तो इन्सान का भरोसा टूट जाता है, जब कोई अपना ही विश्वास तोड़ देता है, तब दिल में जो तकलीफ़ होती है, उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। Dhokebaaz Shayari in Hindi उन टूटे हुए जज़्बातों, अधूरी उम्मीदों और बिखरे हुए सपनों की आवाज़ है, जो दिल के दर्द को खूबसूरत सब्दों में पेश करती है।
इस पोस्ट में आपको प्यार में मिले धोखे, झूठे वादों, टूटी मोहब्बत, बेवफाई और टूटे विश्वास पर आधारित बेहतरीन धोकेबाज हिंदी शायरियाँ तथा दर्द भरी शायरी पढ़ने को मिलेंगी। ये शायरियाँ उन लोगों के लिए है जिन्होंने किसी पर आंख बंद करके भरोसा किया, लेकिन बदले में सिर्फ दर्द और निराशा पाई। अगर आप अपने जज़्बातों को शब्द देना चाहते हैं या किसी को अपने दर्द का एहसास कराना चाहते हैं, तो ये धोखेबाज़ शायरियाँ आपके लिए एकदम सही हैं ।
Dhokebaaz Shayari
तेरी हँसी में छिपा था जहर मीठी सी लगी थी बातें,
धोखे ने खोल दी आँखें अब सच का दर्द है साथी !

मोहब्बत की किताब अधूरी छोड़ गया,
वो धोखेबाज़ हर पन्ना मोड़ गया !
फूलों की तरह दिखने वाले, काँटों सा चुभते हैं,
धोखेबाज़ों के चेहरे अक्सर, मासूम से लगते हैं !

झूठी मोहब्बत का खेल खेल गया,
मेरा अपना ही मुझे रुला गया !
भरोसे का ताज पहनाया धोखे ने सिर उतारा,
अब नंगे पाँव चलता हूँ विश्वास का सहारा !
तुम्हारी बेवफाई ने सिखाया है,
वफ़ा हर किसी के बस की बात नहीं होती !
धोखा दिया था जब तूने मुझे.
जिंदगी से मैं नाराज था,
सोचा कि दिल से तुझे निकाल दूं.
मगर कंबख्त दिल भी तेरे पास था !

तेरे झूठ पर भरोसा कर लिया,
अपना दिल तुझपे वार दिया,
तूने तो खेल समझा इसे,
और हमने प्यार मान लिया !
विश्वास की डोर थामी थी, तूने धोखे से काटी,
अब टूटे धागे बिखरे हैं, दिल की हर बाती !
भरोसे का आलम था बुनता तूने धागे खींच लिए
धोखे की सुई चुभी है हर टाँके में दर्द भरा है !
धोखेबाज लोग भूल जाते हैं,
सच्चाई खुद ही सामने आती है !
Dhokha Wali Shayari
धोखा मिलता है, लेकिन सीख भी मिलती है,
मैं अब समझदार बन गया हूँ !

ज़ख्म दिए ऐसे गहरे, जो कभी भर न पाएँगे,
धोखे की ये कहानी हम, किसी को न बता पाएँगे !
दिल की उम्मीदों पर खेला उसने,
आज खालीपन ही हाथ आया है !
दोस्ती की लोरी सुनी, धोखे ने सुर बदल दिया,
अब बेसुरा गीत गाता, यारी के नाम रोया !
पल भर में तोड़ दिया हर रिश्ता,
झूठे वादों का कैसा था नशा,
पीठ पीछे वार किया तुमने,
ऐ धोखेबाज़, क्या यही थी वफ़ा !
भरोसे की नाव डूबी धोखे के पानी में,
अब किनारा भी दिखता नहीं जिंदगानी में !

मरना भी मुश्किल है जिस शख्श के वगैर,
उस शख्स ने ख्वाबों में भी आना छोड़ दिया !
मतलब निकला तो मुस्कान, धोखा था प्यार का चोला,
अब नकाब उतर चुका, धोखेबाज़ का सच खोला !
दोस्ती में सच कम, दिखावा ज़्यादा मिला,
हर हँसी के पीछे धोखा छुपा मिला,
अब भरोसा करना मुश्किल लगता है !
मुझे प्यास जितनी तसल्ली से थी मोहब्बत की,
उसने धोखा भी बहुत मज़े से दिया !

बस इतनी खुशी है कि वह भी कोई मेरा अपना ही है,
क्योंकि कोई ग़ैर धोखा दे ही नहीं सकता !
प्यार की कीमत वही जानता है जिसने धोखा खाया हो,
क्योंकि यहाँ धोखेबाज राजा,
और ईमानदार भिखारी बन जाता है !
Dhokebaaz Dost Shayari
वो दोस्त भी धोकेबाज निकले,
जिन पर हम अपना सब कुछ छोड़ आए !

धोखेबाज दोस्तों की बस एक ही कहानी है,
जरूरत पड़ने पर धोखा देना उनकी निशानी है !
अपनों के सिवा किसी और से आस मत रखना,
खुद के सिवा किसी दोस्त पर विश्वास मत करना !
हर किसी ने दिखा दी हमें अपनी असली औकात,
दोस्ती के नाम पर हर किसी ने किया विश्वासघात !
दोस्ती करो तो हमेशा मुस्कुरा कर,
किसी को धोखा ना देना अपना बना कर !

दोस्ती में धोखा मिला तो समझ आ गया,
हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता !
जिस दोस्त पर फ़ख्र था वही बेवफ़ा निकला,
दिल का यक़ीन भी आज तन्हा सा निकला !
धोखेबाजों का चलन है साहब,
वफ़ा करने वालो की कहाँ कदर है !
हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं,
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं !
धोखेबाज़ दोस्ती का सबक याद रह गया,
अपनों पर भी भरोसा आधा रह गया !
दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी,
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी !
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे
दर्द बताना नहीं आता,
बैठे बैठे भीग जाती है पलकें
दर्द छुपाना नहीं आता !
धोखेबाजों का चलन है साहब,
वफ़ा करने वालो की कहाँ कदर है।
दोस्ती के नाम पर बस धोखा ही मिला,
जिसे अपना कहा वही पराया निकला !
Dhokebaaz Ladki Shayari
जिसे अपना समझा था वही पराया निकला,
मेरे प्यार का हर वादा झूठा साया निकला !

जिसने वफ़ा का झूठ बोला,
वही धोखे में बड़ा मास्टर निकला,
दिल दिया था उसने तोड़ा भी,
और सिर्फ़ यादें ही छोड़ गया !
खा देकर मुस्कुरा रही हो तो मुस्कुराओ,
एक दिन वक्त भी तुम्हें यही एहसास दिलाएगा !
हसीन चेहरा देख हम धोखे में आ गए,
दिल के लुट जाने तक तेरे पीछे चले गए
लड़की तो तू थी पर सोच गंदी थी,
वरना कोई यूँ ही किसी का दिल नहीं जलाता !
जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें,
उनमें पराये कम अपने ज्यादा मिलें !
उसकी मुस्कान पर भरोसा कर बैठे,
और वही हमें धोखा देकर चली गई !
नफरत की दुनिया में कौन किसका होता है
धोखा वही देता है जिस पर भरोसा होता है !
मैंने प्यार जितनी तसल्ली से किया,
उसने धोखा भी बहुत मजे से दिया !

इस मतलबी दुनिया में इश्क़ सिर्फ दिखावा है,
तुझे भी धोखा मिलेगा यह मेरा दावा है !
तुम्हारी यादों का बोझ लेकर जी रहा हूँ,
धोखेबाज़ दिल से मोहब्बत कर बैठा हूँ !
कुछ इस तरह उन्होंने धोखा दिया,
कि मेरी ज़िंदगी का हर मकसद छीन लिया !

वो झूठ बोल रही थी बड़े सलीक़े से,
मैं एतिबार न करता तो और क्या करता !
खुद के अलावा किसी और से आस नहीं,
धोखा खा चुकी हूँ बहुत अब किसी पे विश्वास नहीं,
जो आँखें हँसाती थीं वो ही रुलाने लगीं,
अब इन टूटे दिल को जोड़ने की उम्मीद खास नहीं !
चेहरे पे मासूमियत का झूठा नक़ाब,
दिल में चल रही थी धोखेबाज़ी की किताब,
हमारे भरोसे का मज़ाक़ बना गए,
वो वक़्त के साथ अपनी असलियत दिखा गए !
हर आंसू अब मुस्कान बन गया,
धोखे का ज़हर मेरा इम्तेहान बन गया !
Dhokebaaz Ki Shayari
तेरे इश्क़ के हर लफ़्ज़ में, बस एक धोखा ही था,
तूने अपने फरेब से, हमें अकेला छोड़ दिया !
जिस पर भरोसा करो वो ही धोखा देते हैं,
दूर रहने वाले तो बस सबक देते हैं पर जख़्म नहीं !!
धोखा खा कर भी हम टूटे नहीं बस रोते रहे,
उसके इंतज़ार में हम तो दिल से चाहते थे,
उन्हें और उलझे रहे उनके झूठे इज़हार में !
झूठी हमदर्दी झूठा प्यार यही सच्चाई है,
एक धोखेबाज़ इश्क़ करने वालों की !
जिस पर हम अपनी जान लुटाते रहे,
वो ही हमारे सपनों का कातिल निकला !

भगवान जब तूने रिश्ते बनाना सीखा दिया,
तो मतलब के लिए इन्हे तोड़ना भी सीखा दिया !
वो जो कभी अपना था, आज पराया,
यादें बस दर्द ही देती हैं !
दिल टूटने के बाद भी यादें रहती हैं,
हर खुशी अब बस ख्वाब बन गई है !
दिल टूटने के बाद भी उम्मीद,
बनाये रखना जरूरी है !
मुक्कदर में रात की नींद,
हम भी मुक्कदर को धोका,
दे कर दिन में ही सो लेते हैं !
दोस्त के नाम पर धोखा मिला,
हर सच में अब शक मिला,
सीखा ज़माने से ये सबक,
हर अपना वक़्त पर पराया मिला !
ज़ख्म दिए ऐसे गहरे, जो कभी भर न पाएँगे,
धोखे की ये कहानी हम, किसी को न बता पाएँगे।
तेरी बेवफ़ाई ने सिखाया सबक,
अब हर रिश्ते में रहेंगे हम बेफिकर,
तूने खोया, मैंने पाया तजुर्बा,
धोखेबाज़, तेरा क्या होगा अंजाम अब !
Dhokebaaz Shayari 2026
भरोसे की नाव डूबी धोखे के पानी में,
अब किनारा भी दिखता नहीं इस ज़िंदगानी में !
तुम्हारी बेवफाई ने मज़बूत बना दिया,
अब कोई दर्द मुझे गिरा नहीं सकता !!

हमने उसे अपनी दुनिया बना लिया,
उसने हमें वक्त बिताने का जरिया बना लिया !
हमने दोस्ती उनसे शिद्दत से की थी,
मेरे दोस्त मुझसे सिर्फ नफरत की थी !
वादे करके तोड़ दिया, कसमें खाकर मुकर गए,
धोखेबाज़ों का यही है काम, पल में बदल गए !
जिसे अपना समझकर दिल खोलकर चाहा था,
वही सबसे बड़ा सबक देकर चला गया !
जिसे अपना समझा वही धोखा दे गया,
दिल का भरोसा भी आज रोकर रह गया !
मनापासून जपलं तुला मी,
पण तूच माझ्या विश्वासाला तोडलंस !
तुझं प्रेम होतं फक्त एक नाटक,
माझं आयुष्य केलंस तू राख !
कभी कोई विश्वास तोड़ देता है,
और याद हमेशा रहती है !
फूलों की तरह दिखने वाले, काँटों सा चुभते हैं,
धोखेबाज़ों के चेहरे अक्सर मासूम से लगते हैं !
जिसे हमने अपने दिल में उतरा था,
वो आज हमारी नज़रों से उतर गए !
जिस पर हम अपनी जान लुटाते रहे,
वो ही हमारे सपनों का कातिल निकला !
उम्मीद करते हैं आपको हमारी यह धोखेबाज शायरी इन हिंदी पोस्ट बहुत पसंद आया होगा यदि आपने भी प्यार में धोखा खाया है या आपको किसी ने धोखा दिया है आपके दोस्त, रिश्तेदारों ने तो आप यह शायरी उनको दिखाने के लिए अपने सोशल मीडिया जैसे, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम के स्टेटस में या स्टोरी में पोस्ट कर सकते हैं ताकि उनको भी एहसासों की हमें किसी अच्छे इंसान को धोखा दे कर गलत किया ।
FAQ
Q1. Dhokebaaz Shayari क्या होती है?
Ans: धोखेबाज़ शायरी ऐसी शायरी होती है जो प्यार, दोस्ती या रिश्तों में मिले धोखे, बेवफाई और टूटे हुए भरोसे की भावनाओं को व्यक्त करती है।
Q2. Dhokebaaz Shayari और Bewafa Shayari में क्या अंतर है?
Ans: बेवफा शायरी मुख्य रूप से प्रेम में बेवफाई पर आधारित होती है, जबकि धोखेबाज़ शायरी प्यार, दोस्ती और अन्य रिश्तों में मिले धोखे को भी दर्शाती है।
Q3. धोकेबाज शायरी पढ़ने का उद्देश्य क्या है?
Ans: इसका उद्देश्य दिल के दर्द, टूटे हुए भरोसे और भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना तथा लोगों को अपने जज़्बात साझा करने का माध्यम देना है।